जीवन के रंग17 November, 2019
Effective Communiation - www.JeevanKeRang.com

अपनी वाणी को प्रभावशाली बनायें | 5 Communication Techniques

हम सभी अपने अपने जीवन में सपनो को पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम तो करते हैं लेकिन effective communication के महत्व को भूल जाते हैं |

हम भूल जाते हैं कि हम मनुष्यों की वाणी में, शब्दों में इतनी शक्ति है कि किसी राष्ट्र का निर्माण भी कर सकती है और किसी को बर्बाद भी कर सकती है |

हमारे बोले हुये शब्दों से हम किसी भी इंसान का दिल जीत सकते हैं या किसी के दिल में अपने लिए जिंदगी भर के लिए नफरत पैदा कर सकते हैं |

हमारी वाणी दूसरे के दिल के गहरे से गहरे जख्म को भर सकती है या उसे जीवन भर का ग़म दे सकती है |

वाणी का प्रभाव हर क्षेत्र में होता है – चाहे आप व्यापार में हों या नौकरी में – परिवार में हों या फिर समाज में | Effective Communication जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की कुंजी है |

जो इन्सान यह समझ जाता है कि क्या बोलना है, कैसे बोलना है, कब बोलना है , कितना बोलना है – वह जीवन के हर क्षेत्र में सफल हो जाता है | आपकी वाणी से ही यह निश्चित होता है कि आपको सम्मान मिलेगा या अपमान – सब आपको चाहेंगे या फिर दूर भागेगें  | जीवन में आपकी सफलता या असफलता का बड़ा जिम्मा आपकी वाणी, आपकी बोल-चाल (Communication Skills) पर निर्भर करता है

अपनी communication skills को improve करने के लिए, अपनी वाणी को प्रभाशाली बनाने एवं जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए  New Life चैनल का  यह  व्यवाहरिक, ज्ञानवर्धक  वीडियो आपको अवश्य मदद करेगा | इसे देखिये, जानिये और  अभ्यास कीजिये – कुशल वक्ता बनने के लिए 5 Communication Techniques का |

  1. कैसे बोलना है:-
  • अपने शब्दों को स्पष्ट करें — हम जितना शब्दों को स्पस्तः से बोलेंगे,उतना लोगों को ज्यादा समझ में आयेंगे, उतना उन शब्दों का प्रभाव रहेगा |
  • अपने वॉल्यूम (volume) के स्तर को संतुलित करें — ज्यादा ऊँचा या ज्यादा नीचे स्वर में बोलने से दुसरे हमारी बात ठीक से समझ नहीं पाते, इसलिये स्वर के स्तर में बैलेंस बनाना ज़रूरी होता है |
  • आवाज की मिठास — वाणी में मधुरता लाये | कर्कश वाणी को कोई भी सुनना पसंद नही करता |
  • अपने शब्दों में अपने भाव डालिये — जो भी बोले, भावपूर्ण (with feelings) ढंग से  बोलीये |

Communication पॉवर बढाने के लिए ये 3 अभ्यास बहुत मदद करेंगे:-

  • प्रतिदिन 30 मिनट्स किताब, समाचार पत्र और मैगज़ीन पढ़ें,
  • अपनी खुद की आवाज रिकॉर्ड करें और सुने कि आपकी बोलने की स्पीड कैसी है, लहजा कैसा है तथा इसमें क्या और कहाँ कमियां हैं |
  • आवाज में स्पष्टता लाने के लिए रोज़ 15 मिनट्स गुनगुनाने का अभ्यास करें या ओम का जाप करें
  1. अपने ज्ञान और शब्दावली में सुधार करें:

प्रभाशाली वक्ता बनने के लिए शब्दों का और भिन्न भिन्न विषयों का ज्ञान होना बहुत ज़रूरी है |

  • आत्मविश्वास के साथ बोलें — लोग उन्ही की बात सुनना और मानना पसंद करते हैं जो आत्मविश्वास के साथ बोलते है और आत्मविश्वास बढता है पुस्तके पड़ने से और ज्ञान हासिल करने से |
  • अपने शब्दों को समझदारी से चुनें – क्योंकि आपके द्वारा बोले गए शब्द ही दूसरों के मन में आपके बारे में राय बनाते है |

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  1. शारीरिक भाषा और पहनावे का ढंग:-

अपनी भाषा को अति प्रभाशाली बनाने के लिए शारीरिक भाषा (body language) और पहनावे  का ढंग (Dressing Sense) का भी महत्वपूर्ण role होता है –

  • आखों से संपर्क – बात करते समय सामने वाले के साथ आखों से संपर्क बनाये रखें |
  • शारीरिक भाषा – जैसे की हाथों की मूवमेंट और comfortable वस्त्र पहनना |
  1. एक अच्छे श्रोता बनें:-

जो व्यक्ति दूसरों को ठीक से सुनकर बोलते हैं, उनकी वाणी ही दूसरों पर प्रभाव डालती है – बजाये उनकी जो सामने वाले की पसंद या प्रॉब्लम को जाने बिना बोलते चले जाते हैं |

  1. हमेशा एक अच्छे सीखने वाले बनो:-

हमेशा सीखते रहो – दूसरों से – दूसरों की गलतियों से, उनकी सफलताओं से | कुछ न कुछ नया सीखते रहिये, इससे आप भी क्रिएटिव बनेंगे |

इन 5 बातों का निरंतर अभ्यास आपको कुशल वक्ता बनायेगा | यदि आप प्रभावशाली ढंग से बोलना सीख गए तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता |

आशा है की यह लेख आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अवश्य लाएगा | अपने विचार हमें ज़रूर लिखें | धन्यवाद

भारत के युवा लोग जो अपने जीवन में नई ऊंचाईयों को छूने का जज्बा रखते हैं, यह ब्लॉग उन्हें जीवन के विभिन्न पहलुओं को बड़े ही व्यवहारिक तरीकों से अवगत करवाता है |

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